बिन्दास उन्मुक्त जीवन की चाहत- 5

चुदाई की कहानीBy सनी वर्मा14 MIN
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ऐनल Xxx कहानी में एक भाभी की गोरी गुलाबी गांड थी. उसकी तमन्ना थी कि वह किसी गोरे गुलाबी लंड से ही अपनी गांड मरवाएगी. उसकी इक्षा पूर्ण भी हुई. कहानी के चौथे भाग गोरे विदेशी के लंड से चुद गयी भाभी में आपने पढ़ा कि एक नव विवाहिता लड़की जॉब के कारण अपने एक सहयोगी जो विदेशी गोरा था, उससे मिली और उससे चुदाई का मजा लिया. अब आगे ऐनल Xxx कहानी: दोनों वॉशरूम में जाकर अपने को फ्रेश करके आए और बेड पर ब्लैंकेट के अंदर लेट गए। सीमा ने कपड़े पहनने की कोशिश की, तो डेविड ने मना कर दिया। बाहर बादल जोर-जोर से गरज रहे थे और अचानक एक तेज बिजली चमकी। सीमा डरकर डेविड से लिपट गई। उसे डेविड ने कसकर भींच लिया और अपनी बाहों में चिपटा लिया। डेविड का लंड फिर से तन गया था। सीमा ने मुस्कुराते हुए उसे पकड़ रखा था। डेविड उसके मम्मों को चूम रहा था। मुस्कुराते हुए डेविड ने सीमा से कहा, “एक बार पीछे ट्राई करें?” सीमा को अपनी और समीर की बात याद आ गई। वो मुस्कुरा दी। उसने फिलहाल डेविड से पीछे करने को मना कर दिया। उसे डर था कि इतना मोटा लंड कहीं उसकी कोमल गांड को फाड़ न दे। थोड़ी देर में दोनों ऐसे ही लिपटे सो गए। सुबह अंधेरे में ही सीमा की आंख खुली, उसे पेशाब जाना था। उसने अपनी फ्रॉक पहनी। मौका देखकर उसने डेविड का मोबाइल चेक किया कि कहीं उसने कोई फोटो या वीडियो तो नहीं बना लिया। आखिर डेविड उसके लिए अनजान था। सीमा ने मन ही मन तय किया कि अब वो डेविड के साथ सेक्स में इन्वॉल्व नहीं होगी। थोड़ी देर में डेविड भी वॉशरूम जाने के लिए उठा। उसका तंबू पूरा तना हुआ था। सीमा ने डेविड को छेड़ते हुए कहा, “अब अपने रूम में जाकर अपनी गर्लफ्रेंड से फोन सेक्स कर लेना!” डेविड ने जवाब दिया, “क्यों न एक बार फटाफट सेक्स सेशन हो जाए?” सीमा ने हंसते हुए कहा, “बेहतर होगा कि तुम अपने रूम में चले जाओ! कहीं किसी को पता चल गया कि हम दोनों एक साथ सोए हैं!” सुबह खानसामा समय पर आ गया। उसने बताया कि सभी आतंकवादी या तो पकड़े गए हैं या मार दिए गए हैं। शायद कल से सब नॉर्मल हो जाए! सीमा और डेविड का दिन ऐसे ही आलस में बीता। दोनों अपने-अपने कमरों में सोते रहे। शाम को मोबाइल चालू हो गए तो सीमा ने समीर से देर तक बात की। समीर ने बताया, “अगर आज रात ठीक गुजर गई, तो मैं एक-दो दिन में आ जाऊंगा!” रात को खानसामा डिनर बनाकर जल्दी चला गया। डेविड सीमा के रूम में अपने लैपटॉप में व्यस्त था। सीमा बोर हो रही थी। समीर से काफी देर बात हो चुकी थी। अब खाली दिमाग तो शैतान का घर होता है! सीमा डेविड के पास सटकर बैठ गई और उसका लैपटॉप देखने लगी। वह ऑफिस का कुछ काम कर रहा था। सीमा ने छेड़ते हुए कहा, “यार, बोर हो रही हूँ! अब इसे बंद करो!” सीमा ने उठकर दो पेग बनाए और एक डेविड को थमाया। फिर मुस्कुराते हुए पूछा, “कभी गांड मरवाई है?” डेविड हंस पड़ा और बोला, “क्यों पूछ रही हो?” सीमा ने हंसकर कहा, “ऐसे ही! सोच रही थी, आज तुम्हारी गांड मारूं!” डेविड ठहाका लगाकर हंस दिया, “तुम्हारे पास क्या है, जिससे तुम मेरी गांड मारोगी?” सीमा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “मेरे पास वाइब्रेटर है!” दोनों हंस पड़े। डेविड बोला, “एक बार कॉलेज टूर में एक सीनियर ने मारी थी। बहुत दर्द हुआ! उसके बाद कभी मौका ही नहीं मिला।” सीमा ने फिर पूछा, “तुमने कभी किसी लड़की की गांड मारी है?” डेविड ने हंसते हुए कहा, “हमारे वहां तो ये नॉर्मल है! लड़कियों को शुरू-शुरू में दिक्कत होती है, पर ये फैशन है। हर लड़की जानती है कि उसे मरवानी है, तो वो कोऑपरेट करती है!” सीमा सिहर गई, डेविड के मोटे मूसल का ख्याल करके! डेविड ने शरारत से पूछा, “तुम्हें करवाना है पीछे?” सीमा ने उसे एक धौल लगा दिया! डेविड भूखा था तो उसने पेग जल्दी खत्म किया और सीमा के साथ डिनर लिया। अब रात के दस बज चुके थे। दिनभर दोनों जमकर सोए थे तो नींद का कहीं अता-पता नहीं था। हालांकि सुबह प्लांट जाना था, इसलिए जल्दी सोना जरूरी था। डेविड ने अपना सामान समेटा और “गुड नाइट!” कहकर अपने रूम में जाने की तैयारी की। तभी दोनों ने देखा कि मोबाइल का नेटवर्क फिर गायब था। सिक्योरिटी वालों से पूछा, तो उन्होंने बताया, “शायद फिर जैमर लगा दिया है! इस समय लैंडलाइन भी काम नहीं कर रही।” दोनों बहुत बोर हो गए; दोनों को फोन सेक्स की चुल थी। खैर, डेविड अपने रूम में चला गया। बाहर सब ओर लाइट बंद थी। सीमा को काफी देर करवटें बदलने के बाद भी नींद नहीं आई। उसकी चूत में चींटियां रेंग रही थीं। उसने उंगली करके भी देख लिया, पर आज मजा नहीं आ रहा था। लंड दूसरे कमरे में था, पर सीमा की हिम्मत नहीं पड़ रही थी कि उसे बुलाए या वहां जाए। उसका मन कर रहा था कि एक बार और सेक्स हो जाए, पर पहल करने की झिझक थी। सीमा ने हल्के से दरवाजा खोला। बाहर अंधेरा था, पर डेविड के रूम का दरवाजा खुला था। डेविड दरवाजे पर खड़ा सिगरेट पी रहा था। सीमा दबे पांव उसके पास पहुंची और उसके हाथ से सिगरेट लेकर एक सुट्टा मारा। सीमा ने ढीला-ढाला नाइटसूट पहना था, पर डेविड केवल शॉर्ट्स में था। उसने एक चादर लपेट रखी थी। डेविड ने सीमा को अपनी बाहों में ले लिया और चूम लिया। अब सीमा उसकी चादर में समाकर उससे लिपट गई। दोनों के होठ मिल गए। डेविड उसे अपने रूम में ले गया और दरवाजा लॉक कर लिया। उसने हीटर जला रखा था तो रूम काफी गर्म था। हल्की रोशनी थी, जिसे डेविड ने बंद कर दिया। अब केवल हीटर की रोशनी थी और एक हल्का-सा नाइट बल्ब। सीमा डेविड से सूखी बेल की तरह लिपटी थी। अब दो जिस्म दोबारा एक होने को बेताब थे। सीमा भूल गई कि सुबह उसने तय किया था कि वो अब डेविड के साथ सेक्स नहीं करेगी। सीमा चादर के अंदर डेविड की छाती से लिपटी उसकी छाती को चूम रही थी। डेविड का लंड तना हुआ था और सीमा के जिस्म से टकरा रहा था। सीमा ने हाथ नीचे किया और लंड को पकड़कर सहलाना शुरू किया। आज सीमा को कोई जल्दी नहीं थी। वो उसे धीरे-धीरे मसल रही थी। डेविड ने भी अपने हाथों से उसका नाइटसूट का टॉप पीठ से ऊपर उठा दिया। उसके हाथ सीमा की चिकनी पीठ पर फिरने लगे। डेविड ने एक हाथ उसके पजामे के अंदर डालकर उसके हिप्स सहलाने शुरू किए। सीमा सिहर गई और डेविड के होठों से अपने होठ मिलाकर चूमने लगी। डेविड ने अब उसके मम्मों को मसलते हुए उसका टॉप उतार दिया। चादर दूर जा पड़ी थी। सीमा नीचे बैठ गई और उसके लंड को बाहर निकालकर चूसने लगी। वो बहुत आराम से चूस रही थी पर होठों की पकड़ मजबूत थी। डेविड उसके बाल सहला रहा था। जब डेविड की बेचैनी बढ़ी तो उसने सीमा को खड़ा कर लिया और उसके मम्मों को चूमने लगा। डेविड ने अपनी शॉर्ट्स उतार दी और सीमा का पजामा भी नीचे सरका दिया। सीमा ने अपनी टांग से पजामा उतार फेंका। उसकी चूत गीली हो चुकी थी। डेविड ने अपनी मोटी उंगलियों को थूक से लपेटा और सीमा की चूत की फांकों के बीच घुसा दिया। सीमा सिहर उठी। डेविड ने उसकी चूत की मालिश शुरू कर दी। सीमा की आग अब भड़क चुकी थी। उसने अपने हाथ पर थूक लगाया और डेविड के लंड को मसलना शुरू किया। डेविड ने अब सीमा को पास रखी कुर्सी पर झुकाया। सीमा ने कुर्सी के दोनों हत्थे पकड़े और टांगें चौड़ा कर आगे झुक गई। पीछे से डेविड ने अपना लंड पकड़कर उसकी गांड की दरार पर रख दिया और धकेलने लगा। सीमा चिहुंककर आगे हो गई और बोली, “पीछे नहीं!” डेविड ने कहा, “तुम्हारी गांड बिलकुल गुलाबी है!” सीमा को याद आ गया कि उसने समीर से कहा था, “अपनी गांड तो किसी अंग्रेज से मरवाऊंगी!” पर सीमा ने फिर भी डेविड को पीछे करने से मना किया। लेकिन उसका मन भी था और आग भड़की हुई थी। डेविड ने दोबारा कहा तो सीमा बोली, “अच्छे से वैसलीन लगा लो, अपने भी और मेरे भी!” डेविड ने अच्छे से वैसलीन अपने लंड के टोपे पर लगाई और सीमा की गांड की दरार में भी लगा दी। ऐनल Xxx करने में सीमा डर रही थी। उसने डेविड से कहा, “धीरे-धीरे करना! अगर दर्द हुआ, तो मैं कहूं, तो रुक जाना!” डेविड ने मुस्कुराते हुए उसे चूमा और फिर से घोड़ी बनाकर उसकी टांगें चौड़ा की। उसने अपने लंड को उसकी गांड की दरार पर सेट किया और धीरे-धीरे धकेलना शुरू किया। सीमा ने अपना हाथ पीछे करके उसका मूसल-जैसा लंड अपनी फांकों के बीच कर दिया। डेविड ने हल्का-सा धक्का लगाया, तो लंड सीमा की गांड में हल्का-सा दरक गया। कुछ वैसलीन का असर था, कुछ सीमा की चाहत थी कि लंड उसकी गांड में जाए। दर्द होने के बावजूद सीमा ने बस ‘आह-उह’ किया और आगे झुकती गई। डेविड ने थोड़ा और जोर लगाया, तो लंड अब गांड के अंदर घुस गया। सीमा की चीख निकल गई। वो दर्द से बिलबिला रही थी। डेविड ने उसका मुंह अपनी ओर किया और होठों से होठ भिड़ा दिए। सीमा बिलबिला रही थी पर डेविड ने लंड पूरा अंदर पेल दिया और धीरे-धीरे धक्के शुरू किए। कुछ देर तो सीमा से बर्दाश्त नहीं हो रहा था पर उसे अब मजा भी आने लगा था। वो कसमसाते हुए दर्द झेलती रही। डेविड ने उसके मम्मों को पकड़कर मसलते हुए लंड की पेलम-पेल जारी रखी। सीमा का आज एक सपना पूरा हो रहा था। जब उसकी बर्दाश्त खत्म हो गई तो उसने डेविड का लंड बाहर निकाल दिया। उसे बहुत दर्द हो रहा था। डेविड ने दो पेग बनाए और एक पेग सीमा को थमाया। सीमा ने उसे एक-दो घूंट में खत्म कर दिया। डेविड ने हीटर उसकी ओर कर दिया। सीमा अपने कमरे में जाना चाह रही थी। डेविड ने उसे एक पेनकिलर दी। थोड़ी देर में सीमा को आराम हुआ। डेविड ने कहा, “चाहो तो अपने कमरे में चली जाओ, चाहो तो यहीं सो जाओ!” सीमा को दर्द तो हो रहा था, पर चुदाई अभी पूरी नहीं हुई थी। वो बेड पर चादर ओढ़कर मुंह फेरकर लेट गई। पीछे से डेविड उससे चिपटकर लेट गया। जल्दी ही दोनों सो गए। सुबह लगभग तीन बजे सीमा वॉशरूम जाने के लिए उठी। डेविड की भी आंख खुल गई। अब सीमा को आराम था। वॉशरूम से आने के बाद सीमा अपने कपड़े पहनकर अपने रूम में जाने लगी। डेविड ने उसे चूमकर कहा, “बस एक आखिरी बार! इसके बाद पता नहीं जिंदगी मौका देगी या नहीं!” सीमा ने मना किया. पर डेविड ने उसे चूम-चाटकर मना ही लिया। सीमा बेड पर टांगें फैलाकर लेट गई। डेविड ने फिर से अपने लंड पर वैसलीन लगाई और सीमा की चूत के मुहाने पर अपना लंड टिका दिया। उसने सीमा के निप्पल्स को हल्के-हल्के जीभ से सहलाना शुरू किया। सीमा कसमसा रही थी। मौका देखकर डेविड ने लंड एक बार में ही पूरा अंदर पेल दिया। सीमा की जोरदार आह निकली। उसने मुस्कुराकर कहा, “जंगली हो तुम! अब दम लगाकर पेलो मुझे जंगली की तरह!” बस इतना इशारा भूखे शेर को काफी था। डेविड ने सीमा की टांगें ऊपर करके चौड़ा कीं और पूरा मूसल अंदर पेलकर जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। सीमा भी जोश में थी। उसने डेविड को नीचे किया और चढ़कर घुड़सवारी करने लगी। सीमा मदहोश होकर चुदाई में लगी थी। उसके मम्मे हवा में उछल रहे थे। डेविड ने उन्हें मसल-मसलकर लाल कर दिया था। आज का सेक्स सीमा की याददाश्त में सबसे ज्यादा थकान वाला सेशन था। डेविड का लंड तो आज ढीला होने को तैयार ही नहीं था। उसने फिर से सीमा को नीचे पलट दिया। सीमा ने उसका लंड दबोचने के ख्याल से अपनी टांगें सिकोड़ लीं। अब डेविड का लंड सीमा की चूत में पूरे दबाव में था। डेविड ने सीमा के मुंह में जीभ घुसाकर, अपनी छाती से उसके मम्मों को रगड़ते हुए लंड को पूरी गहराई तक घुसाया और धकापेल शुरू की। जल्दी ही सीमा की पकड़ ढीली हो गई। डेविड ने फिर उछल-उछलकर चुदाई शुरू की। अब दोनों थक गए थे, हांफ रहे थे। सीमा का हो चुका था। एक झटके में डेविड ने सारा माल सीमा की चूत में भर दिया। सीमा ने उसे झिड़का, “अंदर क्यों निकाल दिया!” खैर, सीमा उठकर वॉशरूम भागी क्योंकि उसकी चूत से सारा माल बाहर गिर रहा था। पता नहीं डेविड क्या खाता था, जो चम्मच भर वीर्य निकलता था उसका। वॉशरूम से आकर सीमा ने अपने कपड़े पहने और अपने रूम में दबे पांव चली गई। डेविड ने उसे एक राउंड और की कहकर रोकना चाहा, तो सीमा बोली, “नहीं! रूम खुला पड़ा है!” रूम में आकर सीमा बेड पर बैठकर मुंह ढककर हांफने लगी। आज का सेक्स थकाने वाला था। सीमा मन ही मन मुस्कुरा गई। उसने दरवाजा लॉक किया और मुंह ढककर सोने की कोशिश करने लगी। अगली सुबह नौ बजे सीमा की आंख खुली. वो भी सिक्योरिटी वालों की आवाज पर कि प्रोजेक्ट जाना है। उसे जल्दी तैयार होना पड़ा। समीर का भी मैसेज आया कि वो नहीं आ पा रहा, तो सीमा काम खत्म करके वापस आ जाए। डेविड भी तैयार होकर आ गया था। दोनों ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे को विश किया और नाश्ता करके प्लांट के लिए जीप में बैठ गए। डेविड रास्ते भर उसे छेड़ता रहा, “तुम समीर को तलाक देकर मुझसे शादी कर लो!” सीमा खिलखिलाकर हंस पड़ी, “बच्चे हो तुम!” प्लांट पहुंचकर सब कुछ पहले की तरह शुरू हो गया था, काम बहुत बाकी था। पूरी टीम को लगा कि लगातार काम करें, तो शायद देर रात तक काम खत्म हो जाएगा। टीम ने प्रोग्राम बनाया कि आज रातभर काम करेंगे और काम खत्म कर लेंगे। डेविड ने सीमा से कहा, “चाहो तो तुम रात को गेस्ट हाउस चली जाओ, मैं तो काम पूरा करूंगा!” सीमा बोली, “अकेले गेस्ट हाउस में डर लगेगा! मैं भी रुककर काम खत्म कराऊंगी!” सबकी मेहनत से काफी काम देर रात तक पूरा हो गया। फाइनल रिपोर्ट बनाने का काम अगली सुबह पूरा करने का तय करके, देर रात डेविड और सीमा गेस्ट हाउस वापस आ गए। दोनों थक गए थे। डेविड का मन सेक्स का था पर थकान भी पूरी थी। सीमा अब अपनी एनर्जी समीर के लिए बचा रखना चाहती थी। उसने डेविड को एक लंबा किस देकर ‘गुड नाइट!’ बोला और अपने रूम में चली गई। पीछे-पीछे डेविड भी आ गया और उसे बाहों में भरकर चूमता हुआ बोला, “तुम्हारा साथ मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा! मैंने अपनी जिंदगी का सबसे हसीन सेक्स तुम्हारे साथ एन्जॉय किया। थैंक्स!” सीमा ने भी उसे चूमकर कहा, “मुझे भी बहुत अच्छा लगा! पर अब इसे य यहीं भूलना होगा। मेरे पति को कभी अंदाजा नहीं होना चाहिए कि हमने इतना अच्छा टाइम स्पेंड किया!” डेविड ने उसे गले लगाते हुए कहा, “प्रॉमिस!” तो दोस्तो, कैसी लगी मेरी ऐनल Xxx कहानी? बताइएगा मुझे मेरी मेल आईडी पर! enjoysunny6969@gmail.com
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