अन्तर्वासना राइटर लड़की को चोदा मैंने. उसकी कहानी पढ़ कर मैंने उससे सम्पर्क किया, दोस्ती की और वह सेक्स के लिए मान गयी. मिलने की योजना बना कर मैं उसके शहर पहुँच गया.
दोस्तो, मेरा नाम नीरज है. मैं राजस्थान का रहने वाला हूँ. मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है और टोपा 3 इंच मोटा है.
कई दिनों से मैं ऑनलाइन चूत की तलाश में था और न मिलने पर मैं अंतर्वासना पर कहानियां पढ़ता रहता था.
एक दिन मैंने एक कहानी पढ़ी उसका शीर्षक था हिमाचली लड़कियों की दमन में सेक्स भरी मस्ती वह सेक्स कहानी मुझे बहुत अच्छी लगी.
तो मैंने उस कहानी की लेखिका मोनी को ईमेल किया.
अन्तर्वासना राइटर लड़की का जवाब आया और हम दोनों में धीरे-धीरे बात होने लगी.
इंस्टाग्राम आईडी और व्हाट्सएप पर बातें होने के बाद एक दिन हम दोनों ने मिलने का प्लान बनाया.
मिलने की तारीख फिक्स की और मैं हिमाचल के लिए निकल गया. वहां जाकर मैंने थोड़ा आराम किया.
फिर रात में करीब 8-9 बजे मोनी को कॉल किया. वह दस बजे तक होटल आ गई.
दोस्तो, इधर मैं आपको अन्तर्वासना राइटर लड़की मोनी के बारे में बता दूँ. वह एक मस्त आइटम है. उसकी चूचियां 32 इंच की हैं, कमर 28 इंच की और कूल्हों का आकार 34 इंच का है. हाइट 5 फीट 2 इंच है.
उसके बाद हम दोनों ने बातें की, बियर पी और टीवी पर पोर्न चलाकर देखने लगे. पोर्न देखते हुए हमने एक-दूसरे को किस किया.
मोनी ने मेरी शर्ट उतार दी और उसने मेरे सीने पर अकड़ चुके दोनों चूचुकों पर बारी बारी से जीभ फेरी.
उसकी इस अदा से तो मैं उसका कायल हो गया.
फिर उसने मेरा लोअर निकाल दिया और चड्डी के ऊपर से मेरे लंड पर जीभ फेरने लगी.
मैंने भी मोनी का टॉप उतार दिया और ब्रा का हुक खोलकर उसके दोनों पंछी आजाद कर दिए. उसके दूध एकदम गोरे और मक्खन से चिकने थे.
अब मोनी के पंछी मेरे सामने आज़ादी से लहरा रहे थे.
मैंने एक पर जीभ फेरी, उसे अपने मुँह से दबा कर चूसा और करीब 5 मिनट तक उसे चूसता रहा व दूसरे को दबाता रहा. इससे मोनी एकदम गर्म हो चुकी थी.
वह मेरे लौड़े को पकड़ने लगी थी.
मैंने देर न करते हुए हथौड़ा मारना उचित समझा और उसकी जींस उतार दी.
अगले ही पल वह मेरे सामने सिर्फ पैंटी में थी. मैंने पैंटी पर हाथ फेरा और महसूस किया कि उसकी चूत गीली हो चुकी थी.
मैंने देर न करते हुए अपनी चड्डी उतारी और मोनी की पैंटी भी निकाल दी. मेरा लंड देखकर मोनी ने उसे हाथ में भर लिया और चूमने लगी.
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.
मैंने जी भरकर उसकी चूत चाटी. उसकी चूत के अन्दर जीभ डालकर उसे खूब मस्ती से चाटता रहा.
वह मेरे मुँह में झड़ गई. फिर मोनी ने मेरे लंड की चुसाई शुरू की. उसने डीप थ्रोट तक मेरे लंड को चूसा और पूरा टोपा गले तक ले लिया.
कुछ देर की तगड़ी चुसाई के बाद मैं भी उसके मुँह में ही झड़ गया. उसने मेरा सारा माल मुँह में ही गटक लिया.
फिर वह अपनी गांड लेकर मेरे मुँह पर बैठ गई और मैं उसकी गांड का होल चाटता रहा. करीब 5 मिनट बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.
मैंने मोनी को अपने ऊपर आने को कहा. मोनी मेरे लंड पर आहिस्ता से बैठने लगी.
लंड को छेद का अहसास होते ही मैंने एकदम से जोर का धक्का मारा. मेरा पूरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया.
वह दर्द से काँप उठी और कराहने लगी- आह मर गई. आह फट गई मेरी … साले धीरे नहीं पेल सकता था क्या?
मैंने उसकी एक न सुनी और ताबड़तोड़ ठुकाई चालू कर दी.
उसके बाद मैंने उसे लेटा दिया और लंड चूत में डाला.
इस बार वह पूरी तरह से कामुकता भरी आवाज़ में गालियां निकाल रही थी- जोर से चोद मां के लवड़े … आह फाड़ दे आज मेरी चुत … ओह आह!
कुछ देर बाद मोनी झड़ गई पर मैं उसे चोदता रहा.
करीब दस मिनट बाद मैंने भी उसकी चूत के अन्दर ही पिचकारी छोड़ दी और उसके ऊपर लेट गया.
वह मेरी चुदाई से बेहद खुश हो गई थी. उस रात हम दोनों ने चार बार चुदाई की और नंगे ही सो गए.
तो दोस्तो कैसी लगी आप को मेरी अन्तर्वासना राइटर लड़की के साथ सेक्स कहानी! अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने मोनी की गांड मारी. nj4781052@gmail.com