चार दोस्तों ने मेरी गांड फाड़ू चुदाई की- 1

गे सेक्स स्टोरीBy रत्न दत्त12 MIN
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ऐस सेक्स कहानी में मैंने अपने दोस्त के साथ मिल कर मुठ मारता था. मुझे उसका लंड पसन्द था, मैंने उसे अपनी गांड में लेना चाहता था. तो मैंने क्या किया? हैलो दोस्तो, मेरी पिछली कहानी थी: लाइव सेक्स शो का आनन्द यह नई सच्ची सेक्स कहानी मेरे पाठक राहुल ने प्रकाशित करवाने के लिए मुझे भेजी थी. अब आप राहुल की ऐस सेक्स कहानी उसकी जुबानी सुनें. मैं राहुल कॉलेज के हॉस्टल में रहता था, मेरे कमरे में साथ रहने वाले विशाल से मेरी गहरी दोस्ती थी. हमारे गे संबंधों की शुरुआत साथ में बैथकर सेक्स वीडियो देखकर व नंगे होकर मुठ मारने से हुई. जब हम दोनों मुठ मारते थे तो मुझे विशाल का लंड बहुत आकर्षित करता था. एक बार जब हम दोनों सेक्स वीडियो देखते हुए मुठ मारने के लिए नंगे हुए, मैंने उसी वक्त राहुल का लंड पकड़कर कहा- तुम्हारा मैं हिलाता हूँ. वह कुछ नहीं बोला. अब हम दोनों पैर फैलाकर बिस्तर पर आमने सामने बैठ गए. विशाल मेरे होंठ चूमने लगा, निप्पल मरोड़ने लगा. मुझे उसके हाथों की छुअन से बहुत अच्छा लग रहा था, मेरी गांड कुबुलाने लगी. मैं आनन्द से सिसकारी लेकर विशाल के लंड की मुठ मारने लगा. थोड़ी ही देर में विशाल झड़ गया. उसके बाद विशाल ने मेरे लंड पर अपने हाथ जमाए और मेरी मुठ मारी. मैंने अपनी गांड कुलबुलाने की बात विशाल को बतायी. तो विशाल बोला- लगता है हम दोनों गे हैं! मैं कुछ नहीं बोला. मुझे खुद भी समझ में नहीं आ रहा था कि यह सब क्यों अच्छा लग रहा है. अगली रात हम दोनों ने एक गे सेक्स वीडियो देखा. विशाल बोला- मेरा लंड चूसेगा? मैं इसी बात का इंतजार कर रहा था, मैंने हां में सर हिलाया. विशाल ने पलंग के सिरहाने पर टेक लगाकर आधा लेटकर कहा- मेरे बाजू में आकर घुटनों के बल बैठ जा और लंड चूस. बस इतना ध्यान रखना कि तेरी गांड पर मेरा हाथ पहुंचना चहिए. मैं घुटनों पर बैठकर उसके लंड को चूसने लगा. विशाल ने अपनी उंगली पर वैसलीन लगाई और वह मेरी गांड में उंगली डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. मैं उसकी उंगली का स्पर्श पाते ही और जोश में आ गया और उसका लंड मुँह में अन्दर तक लेकर चूसने लगा. विशाल ने अब मेरी गांड में अपनी दो उंगलियां डाल दीं. मुझे पहले पहल थोड़ा दर्द हुआ, फिर मजा आने लगा. वह तेज तेज गति से अपने लंड को मेरे मुँह में अन्दर बाहर करने लगा और कुछ ही पल बाद वह एक तेज आह के साथ झड़ गया. उसका वीर्य मेरे मुँह में आ गया था. मैंने विशाल के लौड़े से निकले वीर्य को अपने गले के नीचे नहीं गुटका, बल्कि वाशबेसिन में थूक दिया. फिर विशाल ने मेरे लंड की मुठ मारकर मुझे ठंडा किया. विशाल- गांड में उंगली करने पर तुझे मजा आया? मैंने कहा- हां. अब पक्का हो गया कि तू बॉटम है और मैं टॉप हूँ. हम दोनों ने यह सब साफ होने पर इंटरनेट पर गांड मारने मरवाने की कला के बारे में पढ़ा. हम दोनों ने आपस में तय कर लिया था कि कल हम दोनों गांड चुदाई का खेल खेलेंगे. मैं इस बात से राजी था कि विशाल मेरी गांड मारेगा. मेरा और विशाल का लंड खासा लम्बा है. बस विशाल का लंड मेरे लंड से मोटा ज्यादा है. मैं- हमारे आपसी समलैंगिक संबंध की बात किसी को नहीं बताना! विशाल ने वादा किया. अगली रात हम दोनों नंगे होकर एक दूसरे के होंठ, जीभ आदि चूसने लगे. विशाल मेरे पुरुष चूचे दबा रहा था और निप्पल मरोड़ रहा था. मैं- अब शुरू करते हैं. मैंने पेट के बल लेटकर अपने कूल्हे हाथ से फैला दिए और गांड ढीली छोड़ दी. विशाल को शायद मेरी गांड का छेद दिखने लगा था इसलिए उसने अपनी उंगलियों पर तेल लगाकर पहले एक उंगली अन्दर डाली, फिर दो घुसेड़ कर अच्छे से तेल अन्दर तक लगा दिया. उसकी उंगलियों की चुभन मुझे मीठी लग रही थी और मेरी चुदास बढ़ती ही जा रही थी. विशाल ने अपने लंड पर तेल लगाकर मेरे प्यार के छेद पर रख दिया और सुपारे को घिसने लगा. मैं- अब इन्तजार नहीं हो रहा, धीरे से डाल दो. विशाल ने दबाव दिया और थोड़ा सा लंड मेरी गांड में डाल दिया. मुझे तीव्र दर्द हुआ- आह आ दर्द हो रहा है! विशाल रुक गया. थोड़ी देर में दर्द थोड़ा कम हुआ. मैं बोला- अब ठीक है, अब और अन्दर पेलो! विशाल बाकी का लंड अन्दर पेलकर मेरे ऊपर लेट गया. उसने यह एकदम से और एक ही बार में किया था, तो मुझे फिर से दर्द हुआ. मैंने तकिया कसकर पकड़ लिया और छटपटाहट में तकिये में ही अपना मुँह दबा लिया. कुछ देर में दर्द कम होने पर मैंने अपने पैर फैला दिए. इससे विशाल समझ गया कि अब मामला सही है. विशाल ने धीमी गति से गांड मारना चालू कर दी. मुझे दर्द के साथ साथ मजा भी आ रहा था. मैंने कहा- अब मजा आ रहा है! विशाल ने यह सुना तो उसने चोदने की गति बढ़ा दी. करीब दस मिनट बाद मेरी गांड वीर्य से भर दी. मैं अपना लंड बिना छुए ही झड़ गया. इस खेल में हम दोनों को बेहद मजा आया. अब हम दोनों करीब करीब रोजाना गुदा सम्भोग का आनन्द लेने लगे थे. संभोग के बाद मन लगाकर पढ़ते. इस खेल में मजा आया तो कुछ और साथियों को अपने साथ जोड़ने की मंशा से हॉस्टल के कुछ लड़के लड़कियों को पटाने की कोशिश की. इस काम में हम दोनों काफी समय और पैसा बर्बाद कर रहे थे. इससे पढ़ाई पर भी असर हो रहा था. उन्हीं दिनों हमारे हॉस्टल में एक लड़के की गांड उसके रूम पार्टनर ने मारी. यह बात कई लड़कों को पता चल गई. लड़के उस बॉटम के पीछे पड़ गए कि हमें भी गांड मारने दो. उसी वजह से वह हॉस्टल छोड़कर चला गया. अभी तक विशाल ने हमारे संबंधों की बात गुप्त रखी थी. हम दोनों को हर सेमेस्टर में अच्छे नंबर मिले थे. कैम्पस इंटरव्यू में हम दोनों को कई कम्पनियों की नौकरी भी मिली. आखिर में हम दोनों को एक ही कंपनी में नौकरी मिल गई. हमने उसी कंपनी ज्वाइन करना तय किया. हमने तय किया कि हम दोनों जिंदगी भर पति पत्नी की तरह रहेंगे. हम भाड़े के फ्लैट में रहने लगे, घर पर खाने बनाते, कसरत करते और सेक्स करते. जल्द ही हमारा शरीर भरने लगा. विशाल के कहने पर मैंने फुलबॉडी वैक्सिंग करा लिया. विशाल ने मेरी मांग में सिंदूर लगा कर मुझे अपनी रात वाली पत्नी बना लिया. उसने मेरे चूचे खूब दबाए और चूसे थे उस वजह से मेरे दूध बढ़ गए थे और रात में सेक्स करते समय मुझे अपने दूध चुसवाने में बड़ा मजा आने लगा था. जब वह मेरे दूध चूसता तो मैं एकदम से उत्तेजित हो जाता था. यह बात विशाल को मालूम हो गई थी. वह मेरे होंठ चूमकर, चूचे दबा कर और चूसकर मुझे जल्दी से उत्तेजित कर देता, फिर मेरी गांड घमासान तरीके से मारता. मेरे चूचे थोड़े बड़े होकर नवयौवना की तरह हो गए थे. विशाल जब घोड़ी बनाकर मेरी गांड मारता, मेरे कूल्हों पर थप्पड़ मारता, तो थप्पड़ों से मुझे और जोश आता. हम दोनों ने सेक्स में नए नए खेल खेलना शुरू कर दिया था. हमने बी डी एस एम भी खेला. मैं गुलाम बनता, विशाल सोफे पर नंगा बैठ जाता. मैं नंगे होकर झुककर हाथ सोफे पर रखकर लंड चूसता. विशाल बेल्ट मेरे कूल्हों पर मारकर कहता कि लंड गले तक लेकर चूस! उसकी इस तरह से पिटाई से मैं कामुक हो उठता और उसके बाद हम दोनों के बीच जोरदार सम्भोग होता. कभी कभी विशाल कहता कि काम से घर जाने के बाद मेरा इन्तजार करना. मैं 15 मिनट बाद आऊंगा. यह हमारा संकेत वाक्य होता था. मैं फर्श पर तकिया रखकर घुटनों के बल बैठ जाता और अपनी आंखों पर पट्टी बांध लेता. विशाल चाबी से दरवाज़ा खोलकर अन्दर आता. वह अपना लंड धोता. फिर मेरे हाथ पकड़ कर मेरी कमर के पीछे ले जाकर हथकड़ी लगा देता. मेरे मुँह को पकड़ कर अपने लंड को गले तक अन्दर डालकर चोदता. अब मैं वीर्य भी पी जाता था. कभी हम एक दूसरे को मूत्र स्नान कराते मूत पीते, साथ नहाते. हमने कई आसनों में सम्भोग किया. सिक्सटी नाइन की पोजीशन में एक दूसरे का लंड चूसकर एक दूसरे का वीर्य भी पिया. विशाल के कहने पर मैं लड़कियों के कपड़े पहन लेता. विग लगाता, मेकअप करके महिलाओं वाले गहने पहनता. मैं अपने लड़की के रूप को आइने में देखकर मुग्ध हो जाता. विशाल मेरी सुंदरता की तारीफ करता. मैं जब भी विशाल के साथ होता, तो खुद को लड़की ही समझता. ऐसे ही दो साल गुजर गए. हम दोनों खुश और संतुष्ट थे. हमारे घर वालों ने हमारी शादी के लिए लड़कियों की फोटो भेजी. हमने घर वालों से कह दिया कि हम शादी नहीं करेंगे. बड़ा बवाल हुआ, वह सब फालतू की बात है, लिखने का कोई मतलब नहीं है. इस शहर में हमारे दो खास दोस्त हैं. अजय, कार्तिक. हम चारों महीने में एक दो बार शराब पार्टी करते, पार्टी में शोर होने से पड़ोसी शिकायत करते. हम लोगों ने तय किया कि पार्टी के लिए शहर से थोड़ी दूर एक छोटा बंगला किराये पर ले लेते हैं. जल्द ही हम लोगों ने बस्ती के बाहर एक फार्म हाउस जैसा घर किराए पर ले लिया. उधर पार्टी चलने लगी. हमारी पार्टी में कभी कभी दो और दोस्त पार्टी में आ जाते. हम लोग पार्टी में सेक्स वीडियो देखते, सेक्स की बातों के समय चारों दोस्तों ने बताया कि उन्होंने कभी सम्भोग नहीं किया. बीमारी की डर से वेश्या से भी सम्भोग नहीं किया. बस वे लोग हाथ से काम चला रहे थे और जल्द ही शादी करके सेक्स का मजा लेने का प्लान कर रहे थे. अजय की शादी तय हुई. मैं, विशाल और कार्तिक शादी में गए. शादी में अजय की बीवी की खास सहेली आयी थी, कार्तिक की उससे दोस्ती हो गयी. शादी के बाद अजय हमारे शहर में आया. तो अजय ने बीवी को बताया कि कार्तिक को उसकी सहेली पसंद है. बीवी ने सहेली के परिवार को बताया, एक महीने बाद कार्तिक की शादी हो गयी. अजय कार्तिक अपनी पत्नियों के साथ हमारे घर आते, हम भी उनके घर जाते. हम सभी में अच्छी दोस्ती हो गयी. तीन महीने बाद अजय कार्तिक हमारे फ्लैट में आए. उनकी बीवियां मायके गयी थीं. हमने फ्लैट पर शराब पार्टी की. दो पैग के बाद सुरूर चढ़ने लगा. विशाल- अजय, कार्तिक कैसा चल रहा है तुम दोनों का वैवाहिक जीवन? दोनों बोले कि सब मस्त चल रहा है. कार्तिक ने कहा- सिर्फ एक अड़चन है, मेरी बीवी गांड मारने नहीं देती. यह सुनकर अजय ने भी यही कहा. हम लोगों में इस बात को लेकर काफी चर्चा हुई कि गांड किस तरह से मारी जाती है और गांड मारते समय किस किस बात ख्याल रखा जाना चाहिए. उनके जाने के बाद हम दोनों ने आपस में चर्चा करना शुरू की. विशाल- मैंने कभी चूत मारने का अनुभव नहीं लिया. मैं सोचने लगा कि मेरा और विशाल का सेक्स संबंध टूटे बिना कैसे विशाल को चूत का मजा दिलाया जाए. वह भी किसी बीमारी के खतरे के बिना. मैंने पढ़ा था कि गे जोड़ों को एक दूसरे को खुश रखना जरूरी है, नहीं तो संबंध टूट जाते हैं. मैं और विशाल अन्तर्वासना पर हिंदी सेक्स कहानी पढ़ते थे. एक दिन हम दोनों बीवी की अदला बदली की सेक्स कहानी पढ़ रहे थे. मैंने कहा- विशाल गुस्सा न हो तो एक प्रस्ताव है! विशाल- बोलो? मैं- तुमने बोला था कि तुम्हें चूत चुदाई का मजा नहीं मिला. जबकि अजय कार्तिक गांड मारना चाहते हैं. मैं तुम्हारी बीवी हूँ. यदि तुम अजय कार्तिक को हमारे संबंध के बारे में बता दो और उनको बीवी की अदला बदली का प्रस्ताव दो तो तुम्हारी इच्छा पूरी हो सकती है. इसमें बीमारी का खतरा भी नहीं है और रही मेरी बात तो मैं तुम्हारी ख़ुशी के लिए अजय कार्तिक से गांड मरवा लूंगा. पहले तो विशाल नाराज़ हुआ, पर दो दिन बाद मान गया. विशाल ने अन्तर्वासना की कहानी के बारे में अजय कार्तिक को बताया, बीवी की अदला बदली पढ़ने में मजा आता है. जो मजा अपनी बीवी से नहीं मिला, वह मजा उसे दूसरे की बीवी से मिल सकता है. विशाल ने यह सब बताते हुए उन दोनों से कहा कि अगर सेक्स कहानी पढ़कर मजा आए तो मुझसे मिलना. अजय कार्तिक ने कहानियां पढ़ीं, उन्हें समझ नहीं आया कि इस मैटर पर विशाल क्यों मिलना चाहता है. अगली शाम अजय कार्तिक हमारे घर आए. दोस्तो ऐस सेक्स कहानी के अगले भाग में आपको बेहद मजा आने वाला है. मेरे साथ बने रहें. साथ ही आप अपने कमेंट्स व मेल से भी मेरे साथ बात कर सकते हैं. बस मुझे मेल करते समय कहानी का शीर्षक जरूर लिखें क्योंकि मेरी बहुत सी सेक्स कहानियां प्रकाशित हो चुकी हैं. valmiks482@gmail.com ऐस सेक्स कहानी का अगला भाग: चार दोस्तों ने मेरी गांड फाड़ू चुदाई की- 2
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